Poetry Tadka

Shayari Sangrah

Pyar Wo Hai Jisme Chacchai Ho

प्यार वो है जिसमे सच्चाई हो;

साथी की हर बात का एहसास हो;

उसकी हर अदा पर नाज़ हो;

दूर रह कर भी पास होने का एहसास हो।

Tujhe Bhool Kar Bhi Naa Bhool

तुझे भूलकर भी न भूल पायेगें हम!

बस यही एक वादा निभा पायेगें हम!

मिटा देंगे खुद को भी जहाँ से लेकिन!

तेरा नाम दिल से न मिटा पायेगें हम! 

 

Tune Bhi Hadh Kar Di

तकदीर बनाने वाले, तूने भी हद कर दी;

तकदीर में किसी और का नाम लिखा था;

और दिल में चाहत किसी और की भर दी!

tune bhi hadh kar di

Jab Tak Tujhe Na Dekhu

जब तक तुम्हें न देखूं!

दिल को करार नहीं आता!

अगर किसी गैर के साथ देखूं!

तो फिर सहा नहीं जाता! 

Bhut Zalim Ho

बहुत ज़ालिम हो तुम भी मुहब्बत ऐसे करते हो

जैसे घर के पिंजरे में परिंदा पाल रखा हो

bhut zalim ho