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Zakhmi dil shayari

Zakhmi dil shayari | टूटे दिल की शायरी

naraz kyu hote ho

नाराज़ क्यों होते हो चले जाएंगे तुम्हारी ज़िन्दगी से दूर
जरा टूटे दुए दिल के टुकड़े उठा लेने दो
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har bar aate the

कभी उनके नाम के पहले हर बार आते थे

पर अब आलम ये हैं कि उनके सपनो में भी नहीं आते

har bar aate the

jala raha hai mujhe

ये क्या सितम  है‍,क्यूं रात भर सिसकता है

वो कौन है जो "दियों" में जला रहा है मुझे

jala raha hai mujhe

log saboot mangte

अंदर से तो कब के मर चुके है हम,

ए मौत तू भी आजा लोग सबूत मांगते है

log saboot mangte

dil ka dard

जब कोई ख्वाब अधुरा रह जाते हैं !

तब दिल के दर्द आंसु बनकर बाहर आते हैं

dil ka dard

hamari kamzori thi

उन्हें चाहना हमारी कमजोरी है

उनसे कह नही पाना हमारी मजबूरी है

वो क्यूँ नही समझते हमारी खामोशी को

क्या प्यार का इज़हार करना जरूरी है

hamari kamzori thi

wo tera hona nahi chahta

कितना नादान है ये दिल कैसे समझाऊ 

तू जिसे खोना नहीं चाहता हो तेरा होना नहीं चाहता 

wo tera hona nahi chahta

jhuthe sabhi fasane

हायो रब्बा दिल जलता है झूठे सभी फसाने है प्यार बाटने वाले देखो प्यार के कितने प्यासे है

jhuthe sabhi fasane

chor do wafa ki aas

छोड़ दो उसकी वफा की आस वो रुला सकता है  तो वो भुला भी सकता है 

chor do wafa ki aas

Jakhm dekar na pooch

ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो 

दर्द की तुम शिद्दत, 

दर्द तो दर्द होता हैं, थोड़ा क्या और ज्यादा क्या।💔

Jakhm dekar na pooch