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Hindi Poems

mohabbat ka irada badal jana bhi mushkil hai

मोहब्बत का इरादा बदल जाना बी मुश्किल है

उन्हें खोना बी मुश्किल है और पाना बी मुश्किल है

ज़रा सी बात पर आंखें भिगो कर बैठ जाते है वो

उसे तो अपने दिल का हाल बताना बी मुश्किल है

यहाँ लोगो ने खुद पर इतने परदे दाल रखे है

किसी के दिल में क्या है नज़र आना बी मुश्किल है

मन के ख्वाब में मुलाक़ात होगी उनसे

पर यहाँ तो उसके बिना नींद आना बी मुश्किल है

औरो से क्या गिला अब तो आलम ये हे “हाल -ए- ज़िन्दगी ” खुद को समझाना बी मुश्किल है

इस मुश्किल में जो साथ दे मेरा अब उस हम सफ़र को धुंध पाना बी मुश्किल है

mai tere shahar me aaya hoon

में तेरे शहर में आया हू , खुद की महफ़िल सजाने आया हू

तेरे इश्क की इस आंधी में ,खुद को फिर मिटाने आया हू .

 

में भी तेरा दीवाना हू ,बस यही बात बताने आया हू

तेरे इश्क की मासूमियत में ,खुद को फिर लुटाने आया हू .

 

मैं भी कितना बांवरा हू ,यह तुझे जताने आया हू

तेरे इश्क के शहर में ,खुद की प्यास बुझाने आया हू .

 

तुम मेरी हो – तुम मेरी हो ,बस यही तुम्हें कहने आया हू

तेरे इश्क के शहर में ,खुद की महफ़िल सजाने आया हू

aaj kal

aaj kal

आजकल ७० %लोग दुखी इसलिए है की बोलते समय सोचते नहीं क्या बोल रहे है काश ये ना बोला होता तो ऐसा ना होता फहले सोचिए फिर बोलिए !!

 

daman pe aagya

पलकों की हद तोड़ के दामन पे आ गिरा !

एक आंसू मेरे सबर की तौहीन कर गया !!

Chand Tanha Hai

चाँद तन्हा है आसमां तन्हा.....

चाँद तन्हा है आसमां तन्हा

दिल मिला है कहां कहां तन्हा

बुझ गई आस छुप गया तारा

थरथराता रहा धुआँ तन्हा

ज़िन्दगी क्या इसी को कहते हैं

जिस्म तन्हा है और जाँ तन्हा

हमसफ़र कोई गर मिले भी कहीं

दोनों चलते रहे तन्हा तन्हा

जलती बुझती सी रौशनी के परे

सिमटा सिमटा सा एक मकां तन्हा

राह देखा करेगा सदियों तक

छोड़ जाएँगे ये जहां तन्हा