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Bachpan Ke Din Shayari

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bachpan me jaha chahe

बचपन में जहाँ चाहा हँस लेते थे 

जहाँ चाहा रो लेते थे और अब 

मुश्कान को तमीज चाहिए 

 

और आंसुओं को तन्हाई 

bachpan me jaha chahe

bachpan

बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें

या ज़मीन पर, आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!

bachpan

bachpan ki yaden

kagaz ki kasti thi nadi ka kinara tha khelne ki masti thi ye dil dulara tha kha aa gae smajhdari ke daldal me wo nadan bachpan bhi kitna pyara tha !!

bachpan ki yaden

Childhood quotes poem in hindi

बचपन में स्कूल की सुनहरी यादें.....

कमीज के बटन ऊपर नीचे लगाना

वो अपने बाल खुद न काढ पाना

पी टी शूज को चाक से चमकाना

वो काले जूतों को पैंट से पोछते जाना

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...

वो बड़े नाखुनो को दांतों से चबाना

और लेट आने पे मैदान का चक्कर लगाना

वो prayer के समय class में ही रुक जाना

पकडे जाने पे पेट दर्द का बहाना बनाना

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...

वो टिन के डिब्बे को फ़ुटबाल बनाना

ठोकर मार मार उसे घर तक ले जाना

साथी के बैठने से पहले बेंच सरकाना

और उसके गिरने पे जोर से खिलखिलाना

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...

गुस्से में एक-दूसरे की

कमीज पे स्याही छिड़काना

वो लीक करते पेन को बालो से पोछते जाना

बाथरूम में सुतली बम पे अगरबती लगा छुपाना

और उसके फटने पे कितना मासूम बन जाना

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...

वो games period के लिए sir को पटाना

unit test को टालने के लिए उनसे गिडगिडाना

जाड़ो में बाहर धूप में class लगवाना

और उनसे घर-परिवार के किस्से सुनते जाना

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...

वो बेर वाली के बेर चुपके से चुराना

लाल –काला चूरन खा एक दूसरे को जीभ दिखाना

जलजीरा , इमली देख जमकर लार टपकाना

साथी से आइसक्रीम खिलाने की मिन्नतें करते जाना

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...

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Childhood quotes poem in hindi

aarzoo ki bachpan me khilone ki

आरजू की बचपन ने खिलोने की लेकिन हालात ने डांट दिया !
ज़िन्दगी तूने मेरा बचपन भूख और बेबसी में बांट दिया !!