www.poetrytadka.com



Khwahish shayari

ख्वाहिश शायरी, Khwahish shayari, Latest khwahish shayari in hindi fonts with pic @poetrytadka

use kishmat smjh kar

use kishmat smjh kar
उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया
था, भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती

Uski khwahish

मेरे टूटने की वजह मेरे जोहरी से पूछो....

उस की ख्वाहिश थी कि मुझे थोडा और

तराशा जाये.!!

hum itne gareeb nahi

hum itne gareeb nahi

तुम आरजू तो करो मोहब्बत करने की 

हम इतने भी गरीब नहीं की मोहब्बत ना दे सके

Khwahish ye nahin

ख़्वाहिश ये नहीं की तारीफ़ हर कोई करे......

कोशिश ये ज़रूर है की कोई बुरा ना कहे.....

Ye kaisi khwahish hai

ये कैसी ख्वाहिश है कि मिटती ही नहीं..

जी भर के तुझे देख लिया फिर भी नजर हटती नहीं..