Zindagi shayari

Zindagi shayari, ज़िन्दगी शायरी, life shayari, जीवन पे शायरी

kyu itrata hai

वही करता और वही करवाता है ,

क्यू  बंदे  तू  इतराता  है ।

इक साँस भी नही है तेरे बस की ,

वही  सुलाता  और  जगाता  है

डूबा हुआ हूँ ना निकल पाऊँगा मैं कभी,

ख़ूबसूरत मुस्कुराहट और आँखों से तेरी.

diwar zindagi se

एक और ईंट गिर गई दीवार ए जिंदगी से 

नादान कह रहे हैं नया साल मुबारक हो

zindagi shayari

zindagi shayari

ज़िन्दगी बीत जाती है अपनों को अपना बनाने में 

Fir mat kahna

रखा करो नजदीकियॉ.....
जिन्दगी का कुछ भरोसा नही....

फिर मत कहना....
चले भी गऐ और बताया भी नही....!

apni auokaat bhool jata hai

apni auokaat bhool jata hai

समंदर बड़ा होकर भी अपनी हदों में रहता है 

इन्सान छोटा होकर भी औकात भूल जाता है 

zindagi ki nayi shuruaat shayari

फूलों की शुरुआत कली से होती है;

जिंदगी की शुरुआत प्यार से होती है;

प्यार की शुरुआत अपनों से होती है;

और अपनों की शुरुआत आप से होती है!

zindagi nahi rukti

zindagi nahi rukti

ज़िंदगी नहीं रुकती किसी के बगैर..

बस उस शख्स की जगह हमेशा खाली रह जाती है

kahin jaal naa jaae

डरते है आग से कही जल न जाये

डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये

लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे

कहीं आप हमें भूल न जाये। 

zindagi shayari unke saath jine ka

unke saath jine ka

उनके साथ जीने का एक मौका दे दे ऐ खुदा 

तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे 

zindagi shayari mera bhi naam ho jaye

mera bhi naam ho jaye

ये सोच कर अपनी हर हँसी बाट दी मेने

कि किसी ख़ुशी पर मेरा भी नाम हो जाए:

मुख़्तसर सा सफर है मेरा कोन जाने कब

मेरे इस सफर की आखरी शाम हो जाए