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Dard-e-Dil

मुस्कान से भी होते है दर्दे दिल बयान 

आदत रोनी की हो ज़रूरी नहीं

hum diwane

ना दिल की चली ना आँखों की

हम तो दीवाने बस तेरी मुस्कान के हो गए

jeene do

जीने दो बचपन को खुली हवा की बांहों में

मुस्कान दो तुम इन्हें क्योंकि 

ख़ौफ़ तो बहुत है ज़माने में

nahi kehti

नहीं कहती, के मुझे सबसे ज्यादा चाहो

पर एक नज़र प्यार से तो उठाया करो.

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नही कहती, के हाथ बंटाओ मेरा

पर कितना करती हूँ, देख तो जाया करो

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नही कहती, के #हाथ पकड के चलो मेरा

पर कभी दो कदम साथ तो आया करो

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यूँ ही गुज़र जाएगा जिंदगी का सफ़र भागते भागते

एक पल थक के साथ तो बैठ जाया करो

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नही कहती, के कई नामों से पुकारो

एक बार फुर्सत से सुनो ही कह जाया करो

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नहीं कहती हूँ आपसे कि चाँद -तारे तोडकर लाओ

पर जब आते हो, एक मुस्कान साथ लाया करो

ek muskan sath laya karo

नहीं कहती हूँ आपसे कि चाँद -तारे तोडकर लाओ

पर जब आते हो, एक मुस्कान साथ लाया करो