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Shayari Photo & Shayari pic

jane ki chah thi

jane ki chah thi

जीने की चाह थी पर मजबूर थे कितने

तलास थी हमे तुम्हरी पर तुम दूर थे कितने

ye dil uska hai

ye dil uska hai

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं,

ये दिल उसका है, अपना होता तो बात और थी.

kisi se kah nahi sakta

kisi se kah nahi sakta

समंदर बेबसी अपनी किसी से कह नहीं सकता;

हजारों मील तक फैला है, फिर भी बह नहीं सकता!"

ye wham chor di maine

ye wham chor di maine

अब हिचकिया आती है तो पानी पी लेते है,

ये वहम छोड़ दिया की कोई याद कर रहा है

gam fir bhi smajh jate hai

gam fir bhi smajh jate hai

मैंने दरवाज़े पे ताला भी लगा कर देखा है,

ग़म फिर भी समझ जाते है की मैं घर में हूँ!!