रिश्ते पर शायरी

rishton par kavita

आज फिर ए तन्हाई लग जा गले
के तुझसे लिपट के रोने का बहुत दिल है
एक तू ही तो है हमसाया जिंदगी का मेरी
वरना यहां तो हर रिश्ता, मेरी रूह का कातिल है