www.poetrytadka.com



Life Shayari in Hindi

To kitni bhi khoobsoorat

To kitni bhi khoobsoorat
तु कितनी भी खुबसुरत क्यूँ ना हो ऐ जिंदगी
खुशमिजाज दोस्तों के बगैर अच्छी नहीं लगती.

udaas mat raha karo humse bardasth nahi hota
hum apne gum bhul jate hai tuhe khush dekh kar
उदास मत रहा करो हमसे बर्दास्त नहीं होता
हम अपने गम भूल जाते है तुहे खुश देख कर

jan roh main utar jata hai be-panah ishq
log jinda to rehte hai par kisi aur ke nadar
जान रोह में उतर जाता है बे-पनाह इइश्क
लोग जिन्दा तो रहते है पर किसी और के नदर

kaise kah doo mai

kaise kah doo mai
कैसे कह दूँ कि अब थक गया हूँ मैं 
न जाने घर में कितनों का हौसला हूँ मैं

behtar yahi tha ke mar jate ya maar dete
tum ne bichad kar kis inayat main daal diya hai mujhe
बेहतर यही था के मर जाते या मार देते
तुम ने बिछड कर किस इनायात में डाल दिया है मुझे

sirf waqt gujarna ho tu kisi aur ko apnana
hum pyar aur dosti ibadat ki tarah karte hai
सिर्फ वक़्त गुजरना हो तू किसी और को अपनाना
हम प्यार और दोस्ती इबादत की तरह करते है

pyar tabtak life shayari

pyar tabtak life shayari
प्यार तब तक रहता है जब तक की वजूद और मौजूद की बात हो
नहीं तो जरुरी और मज़बूरी रस्ते ही बदल देते है

kabhi milne aur milane ka taiwaar to aaye
mujhe bus ab ye judai bardasth nahi hoti
कभी मिलने और मिलाने का तेवर तो आये
मुझे बस अब ये जुदाई बर्दास्त नहीं होती

phir kisi par nahi uthi wo aankhen
jin ki aanhko main fanaa hoti hai muhabbat
फिर किसी पर नहीं उठी वो आँखें
जिन की आन्ह्को मैं फना होती है मुहब्बत

apni auokaat bhool jata hai

apni auokaat bhool jata hai
समंदर बड़ा होकर भी अपनी हदों में रहता है 
इन्सान छोटा होकर भी औकात भूल जाता है 

wo jo kehta tha taare tod kar launga
yakeen mano usne mujhe par aasman gira diya
वो जो कहता था तारे तोड़ कर लाऊंगा
यकीन मानो उसने मुझे पर आसमान गिरा दिया

isse kehna mujhe is ke bina nahi rehna
bohut dil main aata hai magar kuch nahi kehta
इससे कहना मुझे इस के बिना नहीं रहना
बहुत दिल में आता है मगर कुछ नहीं कहता

jeena sikha diya

jeena sikha diya
अफसोस तो है तेरे बदल जाने का मगर
तेरे कुछ बातो ने मुझे जीना सिखा दिया

kabar ke sannate main 1 awaaz aayi
kisne phool rakh kar asoon ki 2 bund bahayi
काबर के सन्नाटे में 1 आवाज़ आयी
किसने फूल रख कर असून की 2 बून्द बहाई

jab tak zinda tab tak yaad nahi aayi
ab so raha hoon to kis ko meri yaad aayi
जब तक ज़िन्दा तब तक याद नहीं आयी
अब सो रहा हूँ तो किस को मेरी याद आई