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Intezaar Shayari

meri brabri

meri brabri

मेरी बराबरी ना कर दोस्त,मेरे स्टेटस का  इन्तजार तो तेरी वालीभी करती है!

dua kabhi khali nahi jati

dua kabhi khali nahi jati

दुआ कभी खाली नही जाती 

बस लोग इन्तजार नही करते

haalat kah rahe hai

haalat kah rahe hai

हालात कह रहें अब वो याद नही करेगा और उम्मीद कह रही है बस थोडा और इन्तजार

aaj bhi tera

aaj bhi tera

मैं आज भी तेरा इन्तजार कर रहा हूँ, 

बस एक बार लौट आओ मेरे पास !!

shouk ab nahi raha

शोक नही रहा अब हमे इश्क मोहबब्त का... 

वरना आज भी गाँव की गौरी पनघट पे और 

शहर की छोरी ट्यूशन पे हमारा इन्तजार करती है