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Hausla Shayari

Ghar bana liya shayari

ghar bana liya shayari
तन्हाइयों के शहर में एक घर बना लिया
रुसवाइयों को अपना मुक़द्दर बना लिया
देखा है यहाँ पत्थर को पूजते हैं लोग
हमने भी इसलिए अपने दिल को पत्थर बना लिया

Category : Hausla Shayari

Dil ki halat shayari

dil ki halat shayari
*दिल की हालत बताई नहीं जाती*
*हमसे उनकी चाहत छुपाई नहीं जाती*
*बस एक याद बची है उनके चले जाने के बाद*
*हमसे तो वो याद भी दिल से निकाली नहीं जाती

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