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Hindi Quotes

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bachne lage

मुझ से पत्थर ये कह कह के बचने लगे

तुम ना संभलोगे ठोकरें खा कर

Nizi bhasa Hindi

Nizi bhasa Hindi

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।

बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।

विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार।

सब देसन से लै करहू, भाषा माहि प्रचार।।

भावार्थ :

निज यानी अपनी भाषा से ही उन्नति सम्भव है, क्योंकि यही सारी उन्नतियों का मूलाधार है।

मातृभाषा के ज्ञान के बिना हृदय की पीड़ा का निवारण सम्भव नहीं है।

विभिन्न प्रकार की कलाएँ, असीमित शिक्षा तथा अनेक प्रकार का ज्ञान,

सभी देशों से जरूर लेने चाहिये, परन्तु उनका प्रचार मातृभाषा में ही करना चाहिये।

 

agar zindagi me kabhi

agar zindagi me kabhi

अगर जिंदगी में कभी किसी बुरे दिन से सामना हो जाए तो ये समझना कि दिन बुरा था जिंदगी नही

muskurate raho

muskurate raho

जब पांच सेकंड की मुस्कान 

से फोटो अच्छी आ सकती है

तो हमेशा मुस्कुराने से जिन्दगी 

अच्छी क्यों नही हो सकती 

gamo me mushkuraao ge

gamo me mushkuraao ge

हक़ीक़त जिंदगी की ठीक से जब जान जाओगे,

ख़ुशी में रो पड़ोगे और ग़मो में मुस्कुराओगे