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शायरी or Shayari

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naa jaane

खुशी मेरी काँच के जैसी थी ऐ दोस्तों,
ना जाने कितनों को चुभ गयी

tamasha na karo

खुद को औरों की तवज्जो का तमाशा न करो, 

आइना देख लो अहबाब से पूछा न करो, 

शेर अच्छे भी कहो, सच भी कहो, कम भी कहो, 

दर्द की दौलत-ए-नायाब को रुसवा न करो

ye tanhai

बिखरे अरमान, भीगी पलकें और ये तन्हाई, 

कहूँ कैसे कि मिला मोहब्बत में कुछ भी नहीं

jo rat maine gujari tdap ke

jo rat maine gujari tdap ke

कहीं किसी रोज़ यूँ भी होता, 

हमारी हालत तुम्हारी होती, 

जो रात हमने गुज़ारी तड़प कर, 

वो रात तुमने गुज़ारी होती

duniya khadi hai raah me

कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये, 

दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह, 

वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए, 

सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह