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Best Shayari

Mude mude se hai kitab

mude mude se hai kitab

मुड़े-मुड़े से हैं.किताब-ए-इश्क़ के पन्ने !
ये कौन है, जो हमे हमारे बाद पढ़ता है !!

Tumhare har swal ka zwab mere aankho me tha

तुम्हारे हर सवाल का जवाब मेरी आँखों में था !
और तुम मेरी जुबान खुलने का इन्तेजार करते रहे !!

Meri nzar se kbhi khudko dekhna

meri nzar se kbhi khudko dekhna

मेरी नजर से कभी खुद को देखना !
तुम खुद ही खुद पे फिदा हो जाओगे !!

Khud se roobroo ho lene do

कुछ पल खामोशियों में खुद से रूबरू हो लेने दो यारों !
ज़िन्दगी के शोर में खुद को सुना नहीं मुद्दतों से मैंने !!

Baat hai zmane ki

जफ़ा के जिक्र पे तुम कयूँ संभल के बैठ गये !
तुम्हारी बात नहीं बात है जमाने की !!