Poetry Tadka

Badnam Shayari

Badnam Shayari in Hindi Hindi by poetry tadka. At this Shayari page you cn read unlimited Badnam Shayari.

Badnam Shayari in Hindi | बदनाम शायरी

Www Shayari Hindi

खिलाफ कितने हैं ये मुद्दा नहीं
बस साथ कितने हैं ये जरूरी हैं.
Khilaf Kitne Hain Ye Mudda Nahin.
Bas Sth Kitne Hin Ye Zaroori Hai.

मत कर गुरुर अपने आप पर,
खुदा ने तेरे जैसे कितने बनाकर मिटा दिये ।
Mat Kar Guroor Apne Aap Par.
Khuda Ne Tere Jaise Kitne Banakar Mita Diye.

Itni Udasi Kyu Hai Labon Par

हमेशा बेहतर करने की कोशिश करो 
क्योंकि बेहतर करने की कोशिश ही 
हमें महान बनातीं है।
Hamesh Behtar Karne Ki Koshsish Karo.
Kyonki Behtar Karne Ki Koshish 
He Hamen Mahaan Banati Ha.

इतनी उदासी क्यों जब नसा- ए- शाम आपके पास है
इतनी मुस्कराहट क्यों जब दिल्लगी की बात है
जो दूर जाता है उसकी भी कोई मजबूरी होगी
केवल आपकी ही नही उसकी भी मोहब्बत अधूरी होगी

इतनी उदासी क्यों है लबों पर 
मोहब्बत टूट रही है या छूट रही है...

Raftar Pe Na Itra

ए ज़िंदगी तू अपनी रफ़्तार पे ना इतरा,
अगर मैने रोक ली साँसें तो,
तू भी चल नही पाएगी
Zindagi Too Apni Raftaar Par Na Itra
Agar Maine Rok Li Sanse To, 
Too Bhi Chal Nahin Payegi.

Azab Tmasha Hai

अजब तमाशे है दुनिया में यारों
कोड़ीयों में इज्जत और 
करोड़ों में कपड़े बिकते हैं
Ajab Tamasha Hai Yaron.
Kaudiyon Me Izzat Aur 
Karodo Me Kapde Bikte Hain.

Dil Se Rishta Tod Diya

कल रात मैने अपने दिल से भी रिश्ता तोड़ दिया,
पागल तेरे को भूल जाने की सलाह दे रहा था.
Kal Raat Maine Apne Dil Se Bhi Rishta Tod Dia.
Pagal Tere Ko Bhool Jane Ki Salaah De Rraha Tha.

Humko Khamoosh Rahne Do

हमको खामोश ही रेहने दो यही बेहतर है
लब जो हिलेँगे तो उतर जायेंगे चेहरे कितने

Chupe Chupe Se Rahte Ho

छुपे छुपे से रहते हैं,
सरेआम नहीं हुआ करते,
कुछ रिश्ते बस एहसास होते हैं,
उनके नाम नहीं हुआ करते

Waqt Waqt Ki Mohabbat

वक़्त वक़्त की मोहब्बत है, वक़्त वक़्त की रूसवाईयाँ
कभी पंखे सगे हो जाते हैं, तो कभी कभी रजाईयाँ

Dhoka De Raha Hai

कभी-कभी हमें पता होता है
कि सामने वाला हमें "धोखा" दे रहा है
फिर भी "हम" कुछ नही कहते,
क्योंकि हम जानते हैं कि हम उनके "धोखे" के साथ तो जी सकते हैं, लेकिन उनके "बगैर" नहीं

Tash Ke Patto Se

ताश के पत्तों से महल नहीं बनता,
नदी को रोकने से समंदर नहीं बनता,
बढ़ाते रहो जिंदगी में हर पल,
क्यूंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता