नजर पर शायरी

Monday 30th of March 2020

kiska intzaar hai

हमने जला के रखी है, उल्फत की एक शमां !

है किसका इंतज़ार, हमे खुद पता नहीं !!

mere hi kinare

मेरे ही किनारे मुझमें डूब जाते हैं !

जब दिलमें उठता है दर्द का तूफां !!

Badi Mushkil se banaya tha

बड़ी मुस्किल से बनाया था, अपने आपको काबिल उसके उसने ये कहकर बिखेर दिया… की तुमसे मोह्बत तो है पर पाने की चाहत नही हैं !!

Wo Waqt Gujar Gaya

वो वक्त गुजर गया जब हसरत थी तुजे अपना बनाने की...

अब तो तू ख़ुदा भी बन जाये तब भी तेरा सजदा न करूगा ...!!

 

Kismat Shyari

किस्मत ने जैसा चाहा वैसे ढल गए हम !

बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गए हम !

किसी ने विश्वास तोडा तो किसी ने दिल !

और लोगों को लगा कि बदल गए हम !!

itne bure naa the jo thukra diya

इतने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ !
तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा !!

Hamdardi

‪‎हमदर्दी‬ ना करो मुझसे ए ‪‎मेरे‬ हमदर्द दोस्तों
वो भी बड़ी ‪‎हमदर्द‬ थी ‪जो‬ दर्द हजारो दे गई !!

Zikra se mere

हम तेरे कोई नहीं मगर इतना तो बता,
ज़िक्र से मेरे, तेरे दिल में आता क्या है?

bhut mehnat ki hai

मेरा टूटना, बिखरना महज़ एक इत्तेफाक नहीं !
बहुत मेहनत की है एक शक्स ने इसकी खातिर !!

abki hum bichde to sayad

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें !
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें !!