www.poetrytadka.com

Nazar Shayari

Apno ki chahaton mein

Apno ki chahaton mein

Apno ki chahaton mein milawat thi is qadar..

Tang aa ke dushmanon ko manany chala gaya.

 

Had me mohabbat ki hoti

आज बहुत दुःख हो रहा है हाल-ए-जिंदगी पर !

काश .मैंने भी हद में रह कर मोहब्बत की होती !!

Soncha na tha

जिंदगी में कभी ऐसा मोड़ आएगा सोचा ना था !

जिसके लिए जीती हूँ वो छोड़ जाएगा सोचा ना था !

सच्ची मोहब्बत की थी मैंने कोई खिलवाड़ नहीं था !

बदले में वो रिश्ता तोड़ जाएगा सोचा ना था !!

Ksoor apna

ksoor apna

kuch es ada se toda hai talluq usne

ki ek muddat se dhoodh tha hoon asoor apna

Tum naa lga pao ge andaz

तुम ना लगा पाओगे अंदाजा मेरी तबाही का !

तुमने देखा ही कहाँ है मुझको शाम होने के बाद !!