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4 line shayari

shor ki es bhid me

शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई-सी तुम !
ज़िन्दगी है धूप, तो मदमस्त पुरवाई-सी तुम !
लाओ वो तस्वीर जिसमें प्यार से बैठे हैं हम !
मैं हूं कुछ सहमा हुआ-सा, और शरमाई-सी तुम !!

ek pal me zingagi bhar ki udasi de gaae

एक पल में ‪ज़िन्दगी‬ भर की उदासी दे गया !
वो जुदा होते हुए कुछ फूल बासी दे गया !
नोच कर शाखों के तन से खुश्क पत्तों का लिबास !
ज़र्द ‪मौसम‬ बाँझ रुत को बे-लिबासी दे गया !!

bda mushkil hota hai

कोई आँखों आँखों में बात कर लेता है !
कोई आँखों आँखों में इकरार कर लेता है !
बड़ा मुश्किल होता है जवाब दे पाना !
जब कोई खामोश रहकर भी सवाल कर लेता है !!

tune nafrat se jo dekha hai

तूने नफ़रत से जो देखा है तो याद आया !
कितने रिश्ते तेरी ख़ातिर यूँ ही तोड़ आया हूँ !
कितने धुंधले हैं ये चेहरे जिन्हें अपनाया है !
कितनी उजली थी वो आँखें जिन्हें छोड़ आया हूँ !!

mai to jhoka hun hwa ka

मैं तो झोंका हूँ हवा का उड़ा ले जाऊँगा !
जागती रहना तुझे तुझसे चुरा ले जाऊँगा !
हो के कदमों पे निछावर फूल ने बुत से कहा !
ख़ाक में मिल के भी मैं खुश्बू बचा ले जाऊँगा !!