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Wo pahli mulaqat

रिम झिम के तराने लेके आयी बरसात

याद आये किसी से वो पहली मुलाक़ात

भीगे तन मन पड़े रस की फुहार

प्यार का सन्देसा लायी बरखा बहार 

मैं ना बोलूँ, मैं ना बोलूँ आँखें करें अँखियों से बात

रिम झिम के तराने लेके आयी बरसात

सुनके मतवाले काले बादलों का शोर

रूम झूम घूम घूम नाचे मन का मोर

सपनों का साथी चल रहा मेरे साथ

रिम झिम के तराने लेके आयी बरसात

जब मिलते हो तुम तो छूटें दिल के तार

मिलने को तुम से मैं क्यों था बेक़रार 

रह जाती है, रह जाती है क्यों होठों तक आके दिल की बात

रिम झिम के तराने लेके आयी बरसात

याद आये किसी से वो पहली मुलाक़ात

रिम झिम के तराने लेके आयी बरसात

गीतकार : शैलेन्द्र

गायक : गीता दत्त - मोहम्मद रफी

संगीतकार : सचिनदेव बर्मन

Wo pahli mulaqat