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taqdir ne jaise chaha waise dhal gae hum

तक़दीर ने जैसे चाहा वैसे ढल गए हम !
बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गए हम !
किसी ने विश्वास तोडा तो कभी किसी ने दिल !
और लोगो को लगता है की बदल गए हम !!