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Tanhai bca ke rakh

महफ़िलें हैं रौशन अभी तन्हाई बचा के रख !
अंधेरो की हुकूमत में भी परछाई बचा के रख !
कभी प्यास लगी तो तुझे भी देख लेंगे समन्दर !
मैं लाख बार कह चुका हूँ गहराई बचा के रख !!