motivational stories in hindi

Wednesday 18th of September 2019

positive thinking in hindi story

एक माँ का इकलौता बेटा सीमा पर दुश्मनों से लड़ रहा होता है.. उसे गोली लग जाती है...... उसकी आँखें मुंदने लगती है.. तभी उसे अपनी बूढ़ी, अकेली माँ का ख्याल आता है.. वो माँ को ख़त लिखता है..क्या लिखता है जरा गौर करें
ऐ माँ किस मुंह से तुझको मैं,अपनी हालत को बतलाऊँ,, इतनी भी साँस नहीं बाकी, कि तुझे अलविदा कह पाऊँ,, भारत माँ पर हथियार उठे, तो बेटा चुप न रह पाया,, जब तक थी साँस , नहीं आगे कोई भी दुश्मन टिक पाया,,
जाते जाते इक बात ,मेरे दिल में थोड़ी सी चुभती हैं,, कि देश का कर्ज किया पूरा, पर दूध का कर्ज न भर पाया,, इक माँ की लाज बचाने में, इक माँ को दर्द न दे जाऊँ,, इतनी भी साँस नहीं बाकी, कि तुझे अलविदा कह पाऊँ,,
ख़त माँ को मिलता है.. वो उसे पढ़ती है पर एक आँसू आँख में नहीं लाती...... माँ क्या कहती है आप पढ़िए.. और उस महान, बलिदानी माँ के लिए एक Share जरूर करिए.... माँ के लफ्ज-
मेरे लल्ला ! तेरे जैसे बेटों पे माँ बलिहारी है,, अपनी ममता से भी ज्यादा, मुझे देश की इज्जत प्यारी है,, मैं खुश हूँ कि तेरे कारण, कितने ही घर गुलजार हुए,, जिस ममता से पाला तुझको,अब ख़त्म वो सब उपकार हुए,, तकलीफ ये है भारत माँ पर , न्यौछावर करने की खातिर,,
क्यों एक हुआ बेटा मेरा, क्यों ना बेटे दो- चार हुए,, अब तेरी जीत का जश्न करूँ, तेरी माँ की ये तैयारी है, अपनी ममता से भी ज्यादा, मुझे देश की इज्जत प्यारी है

behtreen hindi story

एक बार एक व्यक्ति अपनी नयी कार को बड़े प्यार से पालिश करके चमका रहा था। तभी उसकी 4 साल की बेटी पथ्थर से कार पर कुछ लिखने लगी। कार पर खरोच लगती देखकर पिता को इतना गुस्सा आया की वह बेटी का हाथ जोर से मरोड़ दिया। इतना ज़ोर से की बेटी की ऊँगली टूट गई

बाद में अस्पताल में दर्द से कराह रही बेटी पूछती है, पापा..... मेरी ऊँगली कब ठीक होगी

गलती पे पछता रहा पिता कोई जवाब नहीं दे पता। वह वापस जाता है और कार पर लातें बरसाकर गुस्सा निकलता है। कुछ देर बाद उसकी नज़र उसी खरोच पर पड़ती है, जिसकी वजह से उसने बेटी का हाथ तोडा था। बेटी ने पत्थर से लिखा था " I Love U Dad "

दोश्तों गुस्सा और प्यार की कोई सीमा नहीं होती। याद रखें चीजें इस्तेमाल के लिए होती हैं और इंसान प्यार करने के लिए। लेकिन होता इसका उलट है
आजकल लोग चीजों से प्यार करते हैं और इंसान को इस्तेमाल करते हैं

hindi kahani story

एक व्यक्ति आफिस में देर रात तक काम करने के बाद थका-हारा घर पहुंचा दरवाजा खोलते ही उसने देखा कि उसका छोटा सा बेटा सोने की बजाय उसका इंतज़ार कर रहा है अन्दर घुसते ही बेटे ने पूछा पापा क्या मैं आपसे एक प्रश्न पूछ सकता हूँ हाँ -हाँ पूछो क्या पूछना है पिता ने कहा . बेटा पापा आप एक घंटे में कितना कमा लेते हैं इससे तुम्हारा क्या लेना देना तुम ऐसे बेकार के सवाल क्यों कर रहे हो पिता ने झुंझलाते हुए उत्तर दिया . बेटा – मैं बस यूँ ही जाननाचाहता हूँ . प्लीज बताइए कि आप एक घंटे में कितना कमाते हैं !

पिता ने गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए कहा नहीं बताऊंगा तुम जाकर सो जाओ “यह सुन बेटा दुखी हो गया … और वह अपने कमरे में चला गया . व्यक्ति अभी भी गुस्से में था और सोच रहा था कि आखिर उसके बेटे ने ऐसा क्यों पूछा पर एक -आध घंटा बीतने के बाद वह थोडा शांत हुआ , फिर वह उठ कर बेटे के कमरे में गया और बोला क्या तुम सो रहे हो नहीं जवाब आया .मैं सोच रहा था कि शायद मैंने बेकार में ही तुम्हे डांट दिया।दरअसल दिन भर के काम से मैं बहुत थक गया था व्यक्ति ने कहा !

सारी बेटा मै एक घंटे में १०० रूपया कमा लेता हूँ थैंक यूं पापा बेटे ने ख़ुशी से बोला और तेजी से उठकर अपनी आलमारी की तरफ गया , वहां से उसने अपने गोल्लक तोड़े और ढेर सारे सिक्के निकाले और धीरे -धीरे उन्हें गिनने लगा . “ पापा मेरे पास 100 रूपये हैं . क्या मैं आपसे आपका एक घंटा खरीद सकता हूँ प्लीज आप ये पैसे ले लोजिये और कल घर जल्दी आ जाइये मैं आपके साथ बैठकर खाना खाना चाहता हूँ !

.दोस्तों इस तेज रफ़्तार जीवन में हम कई बार खुद को इतना व्यस्त कर लेते हैं कि उन लोगो के लिए ही समय नहीं निकाल पाते जो हमारे जीवन में सबसे ज्यादा अहमयित रखते हैं. इसलिए हमें ध्यान रखना होगा कि इस आपा-धापी भरी जिंदगी में भी हम अपने माँ-बाप जीवन साथी बच्चों और अभिन्न मित्रों के लिए समय निकालें, वरना एक दिन हमें अहसास होगा कि हमने छोटी-मोटी चीजें पाने के लिए कुछ बहुत बड़ा खो दिया !!

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दो भाई समुद्र के किनारे टहल रहे थे दोनों के बीच किसी बात को लेकर कोई बहस हो गई ! बड़े भाई ने छोटे भाई की थप्पड़ मार दिया ! छोटे भाई ने कुछ नहीं कहा ! फिर रेत पर लिखा -आज मेरे भाई ने मुझे मारा ! अगले दोनों फिर से समुंदर किनारे घुमने के लिए निकले ! छोटा भाई समुन्द्र में नहाने लगा !

और अचानक डूबने लगा ! बड़े भाई ने उसे बचाया ! छोटे भाई ने पत्थर पे लिखा ! आज मेरे भाई ने मुझे बचाया ! बड़े भाई ने पुचा ! जब मेने तुझे मारा था ! तब तुमने रेत पर लिखा ! और आज तुम्हे बचाया तो पत्थर पे लिखा क्यों ! रोते हुए छोटे भाई ने कहा -जब कोई हमे दुःख दे तो हमे रेत पर लिखना चाहिए ! ताकि वो जल्दी मिट जाए !

लेकिन जब कोई हमारे लिए अच्छा करता है तो पत्थर पर लिखना चाहिए !जो मिट ना पाए ! मतलब ये है की हमे अपने साथ हुई बुरी घटना को भूल जाना चाहिए ! जब की अच्छी चाटना को सदेव {हमेशा} याद रखना चाहिए

आदमी गुस्से हो तो उसे प्यार की जरूरत होती है अगर हम भी अपना गुस्सा दिखाए तो बुरा अंजाम होता है

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एक डलिया में संतरे बेचती बूढ़ी औरत से एक युवा अक्सर संतरे खरीदता । अक्सर, खरीदे संतरों से एक संतरा निकाल उसकी एक फाँक चखता और कहता, "ये कम मीठा लग रहा है, देखो !" बूढ़ी औरत संतरे को चखती और प्रतिवाद करती "ना बाबू मीठा तो है!" वो उस संतरे को वही छोड़,बाकी संतरे ले गर्दन झटकते आगे बढ़ जाता।

युवा अक्सर अपनी पत्नी के साथ होता था, एक दिन पत्नी नें पूछा "ये संतरे हमेशा मीठे ही होते हैं, पर यह नौटंकी तुम हमेशा क्यों करते हो ? "युवा ने पत्नी को एक मधुर मुस्कान के साथ बताया - "वो बूढ़ी माँ संतरे बहुत मीठे बेचती है, पर खुद कभी नहीं खाती, इस तरह मै उसे संतरा खिला देता हूँ ।

एक दिन, बूढ़ी माँ से, उसके पड़ोस में सब्जी बेचनें वाली औरत ने सवाल किया, - ये झक्की लड़का संतरे लेते इतनी चख चख करता है, पर संतरे तौलते हुए मै तेरे पलड़े को देखती हूँ, तुम हमेशा उसकी चख चख में, उसे ज्यादा संतरे तौल देती है ।

बूढ़ी माँ नें साथ सब्जी बेचने वाली से कहा - "उसकी चख चख संतरे के लिए नहीं, मुझे संतरा खिलानें को लेकर होती है, वो समझता है में उसकी बात समझती नही,मै बस उसका प्रेम देखती हूँ, पलड़ो पर संतरे अपनें आप बढ़ जाते हैं ।

. मेरी हैसीयत से ज्यादा मेरी थाली मे तूने परोसा है. तू लाख मुश्किलें भी दे दे मालिक, मुझे तुझपे भरोसा है. एक बात तो पक्की है की... छीन कर खानेवालों का कभी पेट नहीं भरता और बाँट कर खानेवाला कभी भूखा नहीं मरता

Inspirational Stories Hindi vishwas

एक अफसर अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ जहाज में सवार होकर सफर पर निकला। रास्ते में समुद्र में जोर का तूफान आया। मुसाफिर घबरा उठे। पर वह अफसर जरा भी नहीं घबराया। उसकी पत्नी भी व्याकुल हो गई थी। उसने अपने पति से पूछा-इतना खतरनाक तूफान आया है। सबकी हालत खराब है। पर आप इतना निश्चिंत कैसे बैठे हैं?.
. . .
यह सुनते ही उस अफसर ने म्यान से तलवार निकाली और पत्नी के सिर पर रखकर पूछा- क्या तुम्हें डर लग रहा है? पत्नी बोली-मेरी बात का जवाब न देकर आप यह क्या खेल कर रहे हैं?.
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. अफसर ने फिर पूछा-बताओ, तुम्हें डर लग रहा है या नहीं? पत्नी ने कहा- मुझे भला क्यों डर लगेगा? मुझे पता है आप मेरी जान नहीं लेंगे क्योंकि आप मेरे दुश्मन नहीं हैं। आप तो मुझे अपनी जान से ज्यादा चाहते हैं। फिर मैं क्यों डरूं?.
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इस पर अफसर ने कहा-बिल्कुल सही। जिस तरह तुम्हें मुझ पर भरोसा है उसी तरह मुझे ईश्वर पर भरोसा है। वह हम सब का अभिभावक है। वह हमारा बुरा क्यों चाहेगा?
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वह तो हमारे पिता के समान है।. वह हर संकट में हमारी सहायता ही करेगा। इसलिए तूफान आया है तो वह चला भी जाएगा।

जीवन में विश्वास सबसे बड़ी चीज है। इससे हमें बड़ी ताकत मिलती है। हम इसी ताकत के सहारे जीते हैं। इसलिए हमें किसी न किसी के प्रति विश्वास तो रखना ही होगा। वही लोग घबराते हैं या अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते हैं जिनमें विश्वास की कमी होती है। संयोग से उसी समय तूफान थम गया.

Motivational Stories in Hindi me

एक बेटा अपने वृद्ध पिता को रात्रि भोज के लिए एक अच्छे रेस्टॉरेंट में लेकर गया।खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया।रेस्टॉरेंट में बैठे दूसरे खाना खा रहे लोग वृद्ध को घृणा की नजरों से देख रहे थे लेकिन वृद्ध का बेटा शांत था।

खाने के बाद बिना किसी शर्म के बेटा, वृद्ध को वॉश रूम ले गया। उनके कपड़े साफ़ किये, उनका चेहरा साफ़ किया, उनके बालों में कंघी की,चश्मा पहनाया और फिर बाहर लाया।सभी लोग खामोशी से उन्हें ही देख रहे थे।बेटे ने बिल पे किया और वृद्ध के साथ बाहर जाने लगा।

तभी डिनर कर रहे एक अन्य वृद्ध ने बेटे को आवाज दी और उससे पूछा " क्या तुम्हे नहीं लगता कि यहाँ अपने पीछे तुम कुछ छोड़ कर जा रहे हो ?? "बेटे ने जवाब दिया" नहीं सर, मैं कुछ भी छोड़ कर नहीं जा रहा। "वृद्ध ने कहा " बेटे, तुम यहाँ छोड़ कर जा रहे हो,

प्रत्येक पुत्र के लिए एक शिक्षा (सबक) और प्रत्येक पिता के लिए उम्मीद (आशा)। "आमतौर पर हम लोग अपने बुजुर्ग माता पिता को अपने साथ बाहर ले जाना पसंद नहीँ करते और कहते हैं क्या करोगे आप से चला तो जाता नहीं ठीक से खाया भी नहीं जाता आप तो घर पर ही रहो वही अच्छा होगा.

क्या आप भूल गये जब आप छोटे थे और आप के माता पिता आप को अपनी गोद मे उठा कर ले जाया करते थे,आप जब ठीक से खा नही पाते थे तो माँ आपको अपने हाथ से खाना खिलाती थी और खाना गिर जाने पर डाँट नही प्यार जताती थी फिर वही माँ बाप बुढापे मे बोझ क्यो लगने लगते हैं???

माँ बाप भगवान का रूप होते है उनकी सेवा कीजिये और प्यार दीजिये...क्योंकि एक दिन आप भी बूढ़े होँगे फिर अपने बच्चों से सेवा की उम्मीद मत करना. !!

Real Life inspirational stories in hindi

एक दिल को छू लेने वाली कहानी जरूर पढ़े

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पत्नी ने पति से कहा, "कितनी देर तक समाचार पत्र पढ़तेरहोगे ? यहाँ आओ और अपनी प्यारी बेटी को खानाखिलाओ" पति ने समाचार पत्र एक तरफ़ फेका और बेटी कीध्यान दिया,बेटी की आंखों में आँसू थे और सामने खाने कीप्लेट... बेटी एक अच्छी लड़की है

 

और अपनी उम्र के बच्चों सेज्यादा समझदार. पति ने खाने की प्लेट को हाथ में लियाऔर बेटी से बोला,"बेटी खाना क्यों नहीं खा रही हो? आओबेटी मैं खिलाऊँ." बेटी जिसे खाना नहीं भा रहा था, सुबकसुबक कर रोने लगी और कहने लगी,"मैं पूरा खाना खा लूँगी परएक वादा करना पड़ेगा

 

आपको.""वादा", पति ने बेटी को समझाते हुआ कहा, "इस प्रकार कोईमहँगी चीज खरीदने के लिए जिद नहीं करते.""नहीं पापा, मैं कोई महँगी चीज के लिए जिद नहीं कर रहीहूँ." फिर बेटी ने धीरे धीरे खाना खाते हुये कहा,"मैं अपने सभी बाल कटवाना चाहती हूँ."

 

पति और पत्नी दोनों अचंभित रह गए और बेटी को बहुतसमझाया कि लड़कियों के लिए सिर के सारे बाल कटवा करगंजा होना अच्छा नहीं लगता है. पर बेटी ने जवाब दिया,"पापा आपके कहने पर मैंने सड़ा खाना, जो कि मुझे अच्छानहीं लग रहा था, खा लिया और अब वादा पूरा करने कीआपकी बारी है."

 

अंततः बेटी की जिद के आगे पति पत्नीको उसकी बात माननी ही पड़ी. अगले दिन पति बेटी कोस्कूल छोड़ने गया.बेटी गंजी बहुत ही अजीब लग रही थे. स्कूल में एक महिला नेपति से कहा, "आपकी बेटी ने एक बहुत ही बड़ा काम किया है.

 

मेरा बेटा कैंसर से पीड़ित है और इलाजमें उसके सारे बालखत्म हो गए हैं. वह् इस हालत में स्कूल नहीं आना चाहता थाक्योंकि स्कूल में लड़के उसे चिढ़ाते हैं. पर आपकी बेटी ने कहाकि वह् भी गंजी होकर स्कूल आयेगी और वह् आ गई.इस कारणदेखिये मेरा बेटा भी स्कूल आ गया. आप धन्य हैं कि आपके ऐसीबेटी है " 

 

पति को यह सब सुनकर रोना आ गया और उसने मन हीमन सोचा कि आज बेटी ने सिखा दिया कि प्यार क्याहोता है.इस पृथ्वी पर खुशहाल वह नहीं हैं जो अपनी शर्तों पर जीते हैंबल्कि खुशहाल वे हैं जो, जिन्हें वे प्यार करते हैं, उनके लिए बदलजाते है !यह कहानी ने आप के दिल को छुआ होतो लाईक व शेयर जरूर करे 

 

motivational story in hindi for students

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लड़का... I love you.. जान

लड़की.... तो में क्या करूं

लड़का...ईट्स ओके हाय ही बोल देती

लड़की.. देख़ो तुम मुझे जान मत बोलो

लड़का... ओके स्वीट तो बोल सकता हूँ

लड़की... नही ना जान ना

स्वीट ओके

लड़का..लेकिन I love u स्वीट

लड़की... बहुत हो गया प्यार अब बस

भी करो

लड़का.. क्या तुम मुझसे प्यार नही करती

लड़की.. नही में तो मस्ती

कर रही थी..

तुम सिरियस

हो गए तो में क्या करूँ

लड़का. प्यार तुम्हे मज़ाक लगता हैं अगर यही

करना था तो क्यूँ आई मेरी ज़िन्दगी में ,

लड़की... में तो टाइम पास कर रही

थी और तुम उसे सच समझ बैठ

गलती तुम्हारी हैं

लड़का.. प्लीज़ जान ऐसा मत करो प्लीज़

लड़की... मज़ाक तो पहले था अब नही

और सुनो कभी दुबारा मुझे

फोन मत करना भूल जाओ मुझे

वो सब एक टाइम पास था और तुम मुझसे दूर चले जाओ फिर

कभी

मुझे ढूँढना ना और फोन काट देती हैं

लड़का बहुत बार उसे फोन करता है लेकिन फोन बंद मिलता है

दूसरे नम्बर पे भी कॉल करता है लेकिन

सभी नम्बर नॉट रेचेबल

बताता हैं

लड़का.....घर आकर.. सोचता है अपना हाथ का नाम काट लूँ

मिटा दूँ अपने आपको

फिर सोचता है मम्मी पाप का क्या होगा

वो मम्मी के पास आकर मम्मी के गले लग

कर खूब रोता है..

और वो दूसरे शहर चला जाता हैं,

वो उस लड़की को बहुत प्यार करता था उसने

कभी और किसी

से प्यार नही किया और ना कभी

शादी की

लोगो को के सामने हँसता था और लड़की की

याद में जीने लगा

,

लड़की भी बेवफा नही.!!

उसकी शादी उसकी

मम्मी पापा ने कही और तय क्र

दी थी और

उसे कसम दिलाई अगर तू शादी नही

करेगी तो तू हमारा मरा मुँह देखेगी..!!

लड़की ने मम्मी पाप के लिये अपने प्यार को

छोड़ दिया और

शादी कर ली

दूसरे दिन लड़की ने आत्म हत्या कर लिया..

लड़की ने लड़को को शहर से बहार जाने को इस लिए

बोला

ताकि उसे पता न चले की उसका प्यार अब इस दुनिया में

नही

हैं..!

हमेशा लड़की ही गलत

नही होती...."by

वो बन्धी होती है.

कभी अपने फैमली से तो कभी

अपने क्यूट से रिस्तो से.

@motivational story in hindi for students

motivational storis in hindi call center

motivational storis in hindi

 Call Center के बाहर लम्‍बी लाईन लगी थी। नौकरी तो दस लोगों को मिलने वाली थी पर लम्‍बी कतार बता रही थी कि नौकरी की आशा में तीन सौ लोग लाईन में थे। शालिनी ने लोगो की बातचीत से ही अंदाजा लगा लिया था कि नौकरी का आवेदन करने वाले ज्‍यादा हैं। वह मन ही मन नर्वस हो रही थी 

 

कि इतने आंख वालों के बीच उस अन्‍धी लड़की को Call Center में नौकरी कैसे मिलेगी तभी Peon ने उसका नाम पुकारा और वह अपनी बहन स्‍नेहा के साथ अन्‍दर जाने लगी लेकिन Peon ने स्‍नेहा को अन्‍दर जाने से रोक दिया। स्‍नेहा ने बताना चाहा कि उसकी बहन अंधी है मगर शालिनी ने उसके हाथ को दबाते हुए ईशारा करके रोक दिया और अकेले ही अन्‍दर जाने का  मन बना लिया।

 

 शालिनी इसी भ्रम में थी कि वह अंधी है तो क्‍या हुआ उसके पास शिक्षा की आंखे तो हैं मगर आज उसका भ्रम टूट गया। उसे Call Center की नौकरी के लिए अनुपयोगी माना गया। वह वापस बस में अपने शहर जा रही थी। उसके आंसू रूकने का नाम नही ले रहे थे। वह स्‍नेहा से कह रही थी कि-पिताजी ने अपना सारा पैसा मेरी पढ़ाई में लगा दिया। अब अगर मुझे नौकरी नही मिली तो दो वक्‍त की रोटी भी नसीब नही होगी।

उसकी ये सारी बातें उसी की सीट के पीछे बैठा राजू सुन रहा था। वह शालिनी के पडौस में रहता था और मन ही मन शालिनी को पसन्‍द करता था। मगर वह जानता था कि हीन भावना की शिकार शालिनी कभी उसकी जीवन संगिनी बनने को तैयार नहीं होगी। राजू को समझ में नही आ रहा था कि वह किस तरह शालिनी की मदद करे। सोचते-सोचते आखिर उसके दिमाग में एक खतरनाक विचार ने जन्‍म लिया।

 

उसने घर आकर शालिनी से मुलाकात की और उससे स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि-मैं तुमसें प्‍यार करता हूँ। हालांकि मैं सुन्‍दर नही हूँ और शायद तुम्‍हारी आंखे होती तो तुम मुझे रिजेक्‍ट कर देतीं। शालिनी की आंखों में आंसू आ गए। उसने कहा-वो पागल होते है जो अपने चाहने वाले को रिजेक्‍ट कर देते है। पर राजू मैं तुमसे प्‍यार नही कर सकती। तुम अपने लिए कोई आंख वाली ढूंढ लो।राजू निराश होकर चला गया। कुछ ही दिनों में उसे किसी शहर में Insurance Company में नौकरी मिल गई और वह गांव छोड़कर चला गया।एक दिन गांव में कुछ NGO वाले आए।

 

उनकी नज़र शालिनी पर गई तो उन्‍होंने उसे आशा बंधाई कि उसकी आंखे ठीक हो सकती हैं। हालांकि शालिनी को विश्‍वास नहीं हो रहा था, लेकिन NGO के लोगो के आश्‍वासन देने पर उसकी खुशी का ठिकाना न रहा।अब शालिनी के पास आंखे थी। एक नही दो, जो कि उसकी सुन्‍दरता में चार चांद लगा रहे थे। इस बार उसने एक M. N. C. Call Center में Apply किया और उसे आठ लाख के Annual Package की अच्‍छी नौकरी मिल गई। सबकुछ ठीक था,

 

लेकिन अब उसे राजू की याद आ रही थी। उसने राजू को कई जगह तलाश किया। उसके घर पर भी पूछताछ की मगर राजू का कहीं पता नही चल रहा था।दूसरी ओर शालिनी की मां ने उसके लिए रिश्‍तों की तलाश शुरु कर दी थी पर शालिनी के दिल में तो राजू ही बसा था। शालिनी की तलाश ने अब एक मिशन का रूप ले लिया था।

 

वह सोचती रहती थी कि जो लडका एक अंधी लडकी को अपना बनाना चाहता हो उसका दिल कितना सुंदर होगा। वह राजू से मिलकर उसे सरप्राइज देना चाहती थी । वह राजू का हाथ पकड कर कहना चाहती थी कि राजू! चल शादी करतें हैं। पर इसके लिए राजू का मिलना भी तो जरुरी था। राजू की तलाश अब Google, Facebook, Twitter, WhatsApp से बदलकर प्राथना तक जा पंहुची थी।

 

एक दिन उसे उसी Blind School के एक कार्यक्रम में Chief Guest बनने का मौका मिला जिसमें कभी वह खुद पढा करती थी। वह स्‍नेहा को साथ लेकर स्‍कूल की सीढ़ीयां चढ़ रही थी तभी सीढ़ीयां उतर रहा एक Student स्‍नेहा से टकरा कर गिर गया। शालिनी दौड़कर उसे उठाने में मदद करने लगी जो कि वास्‍तव में वही राजू था, जिसने किसी दिन शालिनी से अपने प्रेम का इजहार किया था। जैसे ही स्‍नेहा की नज़र राजू पर पड़ी, उसके मुंह से निकला- राजू तुम?राजू ने भी स्‍नेहा की आवाज पहचान ली, उसने कहा- स्‍नेहा तुम? तुम यहां क्‍या कर रही हो।स्‍नेहां ने कहा- पहले ये बताईए कि आप यहां क्‍या कर रहे हैं?राजू ने कहा- एक एक्‍सीडेंट में मेरी दोनो आखें चली गई।

 

इसलिए ब्रेल लिपी (Braille Script) सीख रहा हूँ।शालिनी का तो दिमाग़ ही चकरा कर रह गया। वह मन ही मन सोचने लगी- “क्‍या यही राजू है। इतना काला, इतना बदसूरत और आंखे ना होने की वजह से डरावना भी तो लगता है।“राजू ने स्‍नेहा से शालिनी के बारे में पूछा तो शालिनी ने तुंरत उसे इशारा किया कि उसके बारे में ना बताए। स्‍नेहा ने राजू से कहा कि- शालिनी तो नही आ पाई।राजू ने थोडा उदास होकर पूछा, 

 

अच्‍छा। पर शालिनी को तो Chief Guest के रुप में Inviteकिया गया था।शालिनी ने स्‍नेहा को कुछ इशारे में समझाया। स्‍नेहा उसकी बात समझ गइ और उसने कहा कि- हां! इनवाइट किया था पर उसके आंखो के अन्‍धेपन की वजह से नहीं आ सकती। इसलिए मैं स्‍कूल मैनेजमेंट को मना करने आई हूं।राजू की उदासी और गहरी हो गई। उसने स्‍नेहा से विदा ली और धीमें-धीमें स्‍कूल की सीढीयां उतरने लगा। उतरते हुए उसने अपना मोबाइल निकाल लिया था और उसमें कुछ नम्‍बर टटोलने लगा।

 

उसे अपने से दूर जाते देख शालिनी ने राहत की सांस ली और स्‍नेहा से कहा कि- हमने झूठ तो बोल दिया पर वह हमारा पडौसी है। यह झूठ ज्‍यादा दिन नही चलने वाला।शालिनी ने फैसला किया कि अब उसे चीफ गेस्‍ट नही बनना है वरना आज ही राजू को पूरा झूंठ पता चल जाएगा। शालिनी फिर से स्‍नेहा के साथ सीढियां उतरने लगी। उसने देखा कि राजू भी फोन पर गुस्‍से में किसी से बात करते हुए उतर रहा है। 

 

शालिनी ने स्‍नेहा को समझाया कि- दबे कदमों से उतरना, नही तो राजू हमारे कदमों की आहट से भी पहचान लेगा।दोनों दबे कदमो से राजू के करीब से गुजरी मगर फोन पर चल रही बातचीत से शालिनी को झटका सा लगा। वह थोडा रूककर ध्‍यान से राजू की बातें सुनने लगी। राजू फोन पर NGO के लोगों को डांट रहा था कि शालिनी आज भी नही देख पा रही है। वह NGO वालों को ना जाने क्‍या क्‍या कहता जा रहा था।

 

आखिर में उसके आंखो से आंसू निकल पडे और NGO वालो को बद्दुआ देते हुए कहा- तुम लागों ने मेरी शालिनी की जिन्‍दगी खराब कर दी। काश! मेरे पास और आंखे होती तो मैं दोबारा उसे आंखे दान कर देता मगर इस बार तुम्‍हारे पास नही आता।सारी बातें सुनकर शालिनी की आंखो से आंसू बह निकले, वह राजू से जाकर लिपट गई और माफी मागने लगी। उसने जो-जो झूठ स्‍नेहा से बुलवाया था, वह सब भी बता दिया।

 

राजू ने हंसकर कहा- अरे पगली।मैं तो जानता था कि आंखे मिलने पर तू मुझे रिजेक्‍ट कर देगी। इसीलिए तो मै खुद ही तुझसे दूर चला आया। अब मुझे तेरी जरुरत नहीं है क्‍योंकि जब से आंखे तुझे दी है, तू मेरी आंखो में ही रहती है।शालिनी रोते हुए राजू के गले लग गई। उसने कहा- पर राजू मुझे तो तेरी जरुरत है। शायद मैं सुन्‍दरता के मायने ही भूल गई थी, मुझे माफ कर दो !!