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जान शायरी

Jaan shayari | jaan shayari Hindi | जान शायरी 

chand ki baaten

chand ki baaten
लगती हैं हमें अपनी ये तौहीन की तरह
तुम रूबरू न चाँद की बातें किया करो

bol kya chahiye

bol kya chahiye
नसीब ने पूछा..बोल क्या चाहिए
ख़ुशी क्या मांग ली, खामोश हो गया

jaan se bhi pyare

jaan se bhi pyare
हर सागर के दो किनारे होते है
कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है
ये जरूरी नही हर कोई पास हो
क्युकी ज़िन्दगी में यादो के भी सहारे होते है

jaan shayari in hindi

jaan shayari in hindi
ज़िन्दगी के लिए जान जरूरी है
पाने के लिए अरमान जरूरी है
हमारे पास चाहे कितना ही गम
पर आप के चेरे पे मुश्कान जरूरी है

wo kahne lagi

लगता है उसकी ख़ुद से ही पहचान नहीं है​
​अब कहने लगी है के वो मेरी जान नहीं है​