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Story Of The Day In Hindi

मेरे एक बहुत अच्छ दोस्त हैे जो एक स्कूल के प्रिंसिपल हैं. शिक्षा के क्षेत्र में उनका नाम है और वो एक बहुत काबिल प्रशासक हैं. उन्होंने अपनी एक टीचर को सबके बीच में बहुत जोर से डांटा. दो घंटे बाद स्टाफ रूम में फिर डाँटा. छठे पीरियड में फिर एक बार सभी टीचर्स के बीच में डांट दिया. लड़की बेचारी वहीं सबके बीच फफक के रो पड़ी. फिर आया आखिरी पीरियड.

उसमें उस दिन पूरे स्टाफ की एक मीटिंग थी. सब बैठे. प्रिंसिपल ने उनसे पूछा ...... क्यों ? आया मज़ा ? सबके बीच में यूँ डांट खा के कैसा लगता है ? बुरा लगा न ?

 

उन बच्चों को भी बुरा लगता होगा जिन्हें तुम रोजाना डांटती हो ........ अपनी खीज उतारने के लिए मार देती हो .....उन्हें Duffer, गधा, नालायक,कामचोर और न जाने क्या क्या बोलती हो .......कितना Demoralize होते होंगे वो ........ मैं इतने दिन से तुम्हे समझा रहा हूँ ...... तुम्हे समझ नहीं आ रहा था. आज मैं तुमसे नाराज नही था मैंने तुम्हे सिर्फ ये अहसास दिलाने के लिए कि सार्वजनिक प्रताड़ना कितनी कष्ट दायी होती है, तुम्हें जान बूझ के डांटा. लड़की फिर रोने लगी.

 

एक दिन फिर मीटिंग हो रही. थी सबके काम काज की समीक्षा हो रही थी. काम के मामले में उस लड़की की खूब तारीफ हुई. दस मिनट बाद उसे खड़ा किया. पूछा .... कैसा लगा ? अच्छा लगा न ? सबके बीच में तारीफ हुई ....... कैसा फील हुआ .......

 

उस मीटिंग के बाद प्रिंसिपल साहिब ने योजनाबद्ध तरीके से उस लड़की की सबके सामने तारीफ करनी शुरू की ...... तुम्हारा ये ये काम बहुत अच्छा है. You Are My Most Valuable Staff ..... इस इस Field में सुधार करो ....... ये ये गलतियां सुधारो ...... तुम जिंदगी में बहुत ऊपर जाओगी. कहना न होगा ....... आज वो लड़की उनके स्कूल की सबसे काबिल टीचर है ........

 

मैं ऐसे बहुत से लोगों को जानता हूँ जो ये बताते हैं कि हमारे बाप ने कभी जिंदगी में हमारी तारीफ न की ..... हमेशा नालायक ही बताया ....... मेरे एक मित्र आज भी उस टीचर को याद करके भावुक हो जाते हैं जो हमेशा स्कूल में उनकी तारीफ करते थे ....

 

नालायक से नालायक आदमी में भी कुछ गुण तो होते ही हैं ..... क्यों न उन्हें ही Explore किया जाए ...... दुनिया भर में तिरस्कृत बच्चे को तारीफ का एक शब्द जलते अंगारे पे पड़ी पानी की शीतल बूँद सा लगता है ........

 

समाज में प्रोत्साहन से जो Results मिल सकते हैं वो Punishment से कभी नहीं मिल सकते.

 

अपने बच्चों की और अपने आसपास के लोगो की तारीफ करना सीखिए.L