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कबीरा खड़ा बाज़ार में Kabir Dohe


कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सबकी खैर!
ना काहू से दोस्‍ती, न काहू से बैर!!

अर्थ:- इस संसार में आकर कबीर अपने जीवन में बस यही चाहते हैं,
कि सबका भला हो और संसार में यदि किसी से दोस्‍ती नहीं तो दुश्‍मनी भी न हो!

Kabir das ke dohe