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Mujhe gale se lgalo bhut udas hoon mai

१: मुझे गले से लगा लो बहुत उदास हूँ मै 

गम-ऐ -जहाँ से से छुपा लो बहुत उदास हूँ मै

नज़र में तीर से चुभते अब नज़रो से 

मै थक गई सभी टूटते शहारो से 

अब और बोझ ना डालो बहुत उदास हूँ मै 

२: बहुत सही गम -ऐ -दुनिया ,मगर मगर उदास न हो 

करीब है शब-ऐ -गम की सहर उदास न हो 

सितम के हाथ की तलवारटूट जाए गी

ये ऊँच नीच की दीवार टूट जाए गी 

तुझे कसम है मेरी हमसफ़र उदास ना हो 

३: ना जाने कब ये तरीका ये तौर बदले गा 

सितम का गम का मुसीबत का दौर बदले गा 

मुझे  जहाँ  से उठा लो बहुत उदास हूँ मैं !!

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mujhe gale se lgalo bhut udas hoon mai