www.poetrytadka.com

Mohabbat ki hai to sarminda kyu ho

जिंदगी के बिना जिंदगी क्या है !
विश्वास के बिना वंदगी क्या है !
मिलने से पता नहीं डरते क्यों हैं !
मोहब्बत की तो शर्मिंदगी क्या है !!