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kitna bebas hai insaan

कितना बेबस है इंसान किस्मत के आगे !
हर सपना टूट जाता है हक़ीकत के आगे !
जिस ने भी दुनिया मे झुकना नही सीखा !
वो भी झुक जाता है प्यार के आगे !!