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khud likhna sikh gae

शायरी पढ़ते पढ़ते खुद लिखना सीख गये !
जीते जीते किसी और के लिए जीना सीख गए !
आँखों आँखों में भी बातें होती है !
आज कल उन बातों को भी पढ़ना सीख गए !!