www.poetrytadka.com

kdam chumta hai

क़दम चूमता है "ज़माना" उसी का !
जो "अपना" नहीं, पर हुआ है "सभी" का !
चला ही नहीं जो डगर "आशिक़ी" की !
पता क्या चलेगा उसे "ख़ुदकुशी" का !!