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Jis roz

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जिस रोज पैदा होते हैं हम, 

उस रोज बहुत खुशियां मनाई जाती है..

बचपन से लेकर बुढ़ापे तक, 

सपनो की एक दुनिया सजाई जाती है..

खुशी और ग़म की आँखों से, 

ज़िन्दगी की तस्वीर दिखाई जाती है..

जिस रोज मरते हैं हम, 

उस रोज हमारी खूबियां बताई जाती है ।

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