jis roj paida hote hai hum

जिस रोज पैदा होते हैं हम

उस रोज बहुत खुशियां मनाई जाती है

 

बचपन से लेकर बुढ़ापे तक

सपनो की एक दुनिया सजाई जाती है

 

खुशी और ग़म की आँखों से

ज़िन्दगी की तस्वीर दिखाई जाती है

 

जिस रोज मरते हैं हम

उस रोज हमारी खूबियां बताई जाती है

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