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Hum phool bankar teri raho pe bikhar jaaenge

वफ़ा का लाज हम वफा से निभायेगें !
चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे !
कभी जो गुजरना हो तुम्हें दूसरे रास्तों से !
हम फूल बनकर तेरी राहों में बिखर जायेंगे !!
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