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बेपनाह चाहत शायरी

तुम्हारे शहर का मौसम 
बड़ा सुहाना लगे 
मैं एक शाम चुरा लूँ 
अगर बुरा न लगे..!!

Tumhaare shahar ka mausam 
bada suhaana lage. 
Main ek shaam chura loon 
agar bura na lage.

बेपनाह चाहत शायरी