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dil ke sare arman

मैंने दिलो जान दील के सारे अरमान !
सिर्फ उसीके नाम और उसी "वक़्त"कर दिए थे !
मोहोब्बत की वसीहत बनाई थी दिल मे !
और होशो हवास में उसपर "दस्तखत"कर दिए थे !!