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Bhojpuri shayari mat fek patthar

मत फेंक पत्थर पानी में. ऊ हो केहूँ पीयेला.

 

मत रह उदास जिन्दगी में, तोहरा के देख के केहू जीयेला.

bhojpuri shayari mat fek patthar