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bhagwan se rista zodta rha

इंसान, इंसान को मारता रहा शैतान खड़ा तमाशा देखता रहा !
मन्दिर - मस्जिद को लेकर लड़ मरे धर्म हर पल बदनाम होता रहा !
परिवार के रिश्ते निभा न सका भगवान से नाता जोड़ता रहा !!