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bade mazroor the

बड़े मगरूर थे गुनाह करते रहे !
सीसे के टुकड़े टुकड़े करते रहे !
ज़मी पर पैर रखने का शौक नहीं !
फिर भी गरीबो को पैरों कुचलते रहे !!