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Aasman ke tare

बुझ रहे हैं अब आस्मां के सारे तारे !

चांद जीता है अकेला जिनके सहारे !

मैं तो प्यासा हूं आखिर में वहीं जाऊंगा !

जहां खो जाते हैं पानी के सारे किनारे !!

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