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ye nhana apni samajh ke bahar hai

ये 'नहाना' भी अपनी समझ से बाहर है !
जिस शब्द मे ही आगे 'न' है और पीछे 'ना' है !
तो बीच मे ये दुनिया 'हा' कराने पर क्यों तुली है !!