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Wo Din bhi aayega

वो दिन भी आयेगा 
मेरे इंतज़ार में 
जब तुम खडी होगी 
नज़रें बार बार 
रास्ते पर उठ रही होंगी 
घड़ी की सुईयां 
अटकी हुयी लगेंगी 
दिल की धडकनें 
बढ़ रही होंगी 
चेहरे पर पसीना 
माथे पर सलवटें होंगी 
तुम्हें उन हालात का 
अहसास होने लगेगा 
तुम्हारे इंतज़ार में 
जो मैंने सहा होगा 
प्रीत से मिलन की आस 
कुछ ऐसी ही होती है 
जिसने सही 
उसे ही महसूस होती है