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waqt ka tkaza

हर मुलाकात पर वक्त का तकाज़ा हुआ !
हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ !
सुनी थी सिर्फ हमने गज़लों मे जुदाई की बातें !
अब खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ !!