www.poetrytadka.com

tum bhi chahat ke smundar me utar jaaoge

तुम भी चाहत के समन्दर में उतर जाओगे !
खुशनुमा से किसी मंजर पे ठहर जाओगे !
हम ने यादों में तुम्हें इस तरह पिरोया है !
जो हम टूटे तो तुम भी बिखर जाओगे !!