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tu hi bta ae dost kya kroo

मौत मांगते हैं तो ज़िन्दगी खफा हो जाती है !
ज़हर लेते हैं तो वो भी दवा हो जाती है !
तू ही बता ऐ दोस्त क्या करूँ !
जिसको ही चाहते हैं वो बेवफा हो जाती है !!