www.poetrytadka.com

thak gya is jhan me

थक गया हु इस जहा में चलते चलते मै !
सोने दे अपने आँचल में बचपन की तरहा ऐ माँ !
बहुत कुछ हासिल कर लिया है लेकिन जाने क्यू !
चैन कही नहीं मिल रहा तेरे आँचल जैसा ऐ 'माँ !!