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teri raho pe jaan tak luta jaaenge

teri raho pe jaan tak luta jaaenge
जब शहीदों की अर्थी उठे धूम से देश वालो तुम आँसू बहाना नहीं !
पर मनाओ जब आजाद भारत का दिन उस घड़ी तुम हमें भूल जाना नहीं !
लौट कर आ सके ना जहाँ में तो क्या !
याद बनके दिलों में तो आ जाऐंगे ऐ वतन-ऐ वतन हमको तेरी कसम !
तेरी राहों में जाँ तक लुटा जायेंगे !!