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Raat ki shayari

Raat shayari | raat ki shayari | रात की शायरी | रात शायरी

raat ko neend nahi aati shayari in hindi

raat ko neend nahi aati shayari in hindi

कभी नींद नहीं आती है 

आज सोने को “मन” नहीं करता 

कभी छोटी सी बात पर आँशु बहजाते है

आज रोने तक का “मन” नहीं करता  

जी करता था लूटा दूँ खुद को या लुटजाऊ खुद पे

आज तो खोने को भी "मन" नहीं करता  

पहले शब्द कम पड़ जाते थे बोलने को 

लेकिन मुँह खोलने को “मन ” नही करता 

कभी कड़वी याद मिठे सच याद आते है

आज सोचने तक को “मन” नहीं करता 

मैं कैसा था ?और कैसा हो गया हूँ  

लेकिन आज तो ये भी सोचने को “मन” नहीं करता

raat ko neend nahi aati shayari

raat ko neend nahi aati shayari

नींद नही आती जगती  हु मैं

तेरे इंतज़ार में तड़पती हु मैं

आ तुझे बता दू तू जरुरत है मेरी

कैसे न कहु की तू मुहब्बत है मेरी

एहसास में तेरे लरजती, हु मैं

तुझे कोई और देखे तो गरजती हु मैं

समझ भी जा की तू इज्जत है मेरी

कैसे न कहु की तू मुहब्बत है मेरी

शाम ओ सुबह तुझे ही ढूंढती हु मैं

तेरे आलिंगन का ख्वाब बुनती हु मैं

तू ही ख्वाहिश और हसरत है मेरी

कैसे न कहु तू मुहब्बत है मेरी

दूर भी हो तो महसूस करती हु मैं

पास हो तो ऐ दोस्त महकती हु मैं

तू रूह की प्यास औ नींद नही आती जगती हु मैं

तेरे इंतज़ार में तड़पती हु मैं

आ तुझे बता दू तू जरुरत है मेरी

कैसे न कहु की तू मुहब्बत है

neend shayari hindi

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रात तो क्या पूरी जिन्दगी भी,

जाग कर गुजार दूँ तेरी खातिर,

बस तू एक बार कह कर तो देख कि,

मुझे तेरे बिना नींद नही आतीneend shayari hindi

raat ki neend shayari

raat ki neend shayari

याद तेरी बड़ी सताती है 

रातों को नींद नही आती है। 

पर जब तेरी सूरत देख लेता हूँ

फिर बड़ी गहरी नींद आती है

poetry on neend

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नींद नहीं आती अपने गुनाहों के डर से अल्लाह"

फिर सुकून से सो जाती हु ये सोच कर

तेरा एक नाम "रहीम" भी है