Naraz Shayari

Thursday 21st of November 2019

Naraz Shayari | नाराज शायरी

naraz poetry facebook

छुप छुप के कही पोस्ट मेरी पढती होगी,
मेरी तस्वीरों से तंहाई मे लड़ती होगी ,
जब भी मेरी याद उसे आती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. किसी दुजे नाम से फेसबुक पे आई होगी,
ID कोई fake जरूर बनाई होगी,
कोई मुझमें कमी निकाले तो वो चिड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. मेरा हर अपडेट उसे अब भी युंही भाता होगा,
मेरा अक्स सामने उसके आ ही जाता होगा,
जब भी कोई बात उसकी बिगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. लगी मेरी गजलों की लत वो कैसे छुटेगी,
डरते -डरते रिक्वेस्ट मुझे भेजी होगी,
क्युं छोड़ा मुझे कहकर खुद से झगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. काश कहीं फिर से मिल जाए मुझे,
आकर फिर वही प्यार की बात चलाए मुझे,
सोच यही मंदिरों में माथा रगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी...

tum nazar aa jao

सुनो:(उसने कहा.. जला दो मेरी सब तस्वीरों को.. मैंने जला दी
फिर उसने कहा..
बहा दो इनको पानी में.. मैंने बहा दी
फिर बोला
अब तुम मुजे कभी नही देख पाओगी
मैंने कहा सुनो मेरी जान
तुम्हें देखने के लिए
मुझे इन कागज़ के टुकड़ों की ज़रुरत नहीं
बस आँखे बंद करूँगी..
तो तुम नज़र आ जाओगे..

chahat yun rang lai

बन बैठे हमराही, चाहत यूँ रंग लाई
हमने दी तुमको, और तुमने हमको दी बधाई.
नज़रों का ये ख़ुमार है तुमसे, जानो या ना जानो.
हर यादगार है तुमसे, मानो या ना मानो.
वादा ये करना है, संग-संग जीना-मरना हैं
जीवन की राहों में, पल भर ना थकना हैं
चाहत की ये बयार है तुमसे, जानो या ना जानो.
हर यादगार है तुमसे, मानो या ना मानो.
दिल का क़रार, यार है तुमसे, जानो या ना जानो
हर एक यादगार है तुमसे, मानो या ना मानो

dil ka krar yar hai

दिल का क़रार, यार है तुमसे,जानो या ना जानो
हर एक यादगार है तुमसे, मानो या ना मानो
यादों में हैं यादें, दिलक़श सी सौगातें
खुशियों की बरसातें, दिल से दिल की बातें
राहत ये बेशुमार है तुमसे,जानो या ना जानो.

naraz shayari hindi me

naraz shayari hindi me

Dil se teri yad ko juda to nahi kia
Rakha jo tujhe yaad, bura to nahi kia
Hum se log hain naraz kis liye
Hum ne kabhi kisi ko khafa to nahi kia
Naraz shayari hindi me

naraz mat hona shayari in hindi

Hum nibhayenge dosti marte dum tak
hum hasayenge tumko gham se khushi tak
aye dost kabhi humse naraz na hona
saath rehna hamare akhiri dum tak

naraz shayari in hindi

Meri har khata par naraz na hona
Apni pyari si muskan kabhi na khona
Sukoon milta he dekhkar apki muskurahat ko
Mujhe maut bhi aye to bhi mat rona

naraz shayari for girlfriend

Khafa Bhi Rehte Hain
Or Wafa Bhi Krte Hain
Is Tarha Apne Pyar Ko Bayan Bhi Krte Hain
Jane Kaisi Narazgi Hai Meri Unse
Khona Bhi Chahte Hain
Aur Pane Ki Dua Bhi Karte Hain

naraz ko manane ki shayari

Udas Hai Dil aur Ankho Me Nami Hai
Jaise Rutha Hai Asman aur Khamosh Ye Zami Hai
Yad Na Karne Ki Koi To Waja Batao
Naraz Ho ya Waqt Ki Kami Hai

romantic quotes in hindi ab mout se kah do hum se narazgi

ab mout se kah do hum se narazgi

ab mout se kah do hum se narazgi khatam kar le
wo badal gya ziske liae hum zinda the