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rukna nahi mujhe

रूकना नहीं है मुझे बस चलना चाहती हूं !
अनजान चेहरों को पढ़ना चाहती हूं !
अनुभव के खजाने में नये मोती सजाने हैं !
तन्हाई की बातों को समझना चाहती हूं !!