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Pta nahi kab din kab raat hoti hai

जब खामोश आँखो से बात होती है !
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है !
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं !
पता नही कब दिन और कब रात होती है !!